#3 करोना रचना की तीसरी कड़ी ! अब तक कोई समझ पाया |
दोस्तों, आप जैसे ही कई मित्रों के आग्रह और अनुरोध पर करोना रचना की तीसरी कड़ी भेज रहा हूँ, उम्मीद करता हूँ कि यह भी पूर्ववर्ती रचनाओं की ही तरह आप को पसंद आएगी और गुदगुदायेगी ।
अब तक कोई समझ पाया
तू कैसी अबुझ पहेली रे
आगे बढ़ती दुनिया को
इक झटके में बैक ढकेली रे ।।
तू कैसी अबुझ पहेली रे
आगे बढ़ती दुनिया को
इक झटके में बैक ढकेली रे ।।
नाश हो तेरा अरे करोना
निर्दयी चीनी कीड़ा रे
जहां से उपजा वहीं चला जा
दे उन्हीं को बल भर पीड़ा रे ।।
निर्दयी चीनी कीड़ा रे
जहां से उपजा वहीं चला जा
दे उन्हीं को बल भर पीड़ा रे ।।
सारी दुनिया हिला दिया
है दुखी सकल संसारा रे
सूक्ष्म रूप धरि प्रकट हुआ तू
कैसा अद्भुत हत्यारा रे ।।
है दुखी सकल संसारा रे
सूक्ष्म रूप धरि प्रकट हुआ तू
कैसा अद्भुत हत्यारा रे ।।
कर दी सब की ऐसी तैसी
अब न सही जाय ये पीड़ा रे
कब तक बन्द रहें पिंजड़ों में
कर तू ही कोई इशारा रे ।।
अब न सही जाय ये पीड़ा रे
कब तक बन्द रहें पिंजड़ों में
कर तू ही कोई इशारा रे ।।
स्वर्ग से गिरे खजूर में अटके
हालत ऐसी कर डाली रे
लटके मुँह लेकर अब भटकें
ग़ायब हँसी ठिठोली रे ।।
हालत ऐसी कर डाली रे
लटके मुँह लेकर अब भटकें
ग़ायब हँसी ठिठोली रे ।।
हाथजोड़ सब करें निवेदन
नत मस्तक जग सारा रे
जाना तो फिर ऐसे जाना
मत आना लौट दुबारा रे ।।
नत मस्तक जग सारा रे
जाना तो फिर ऐसे जाना
मत आना लौट दुबारा रे ।।
मानेंगे पी एम की बातें
कैसा भी तू कीड़ा रे
तुझको हरा के हि दम लेंगे
उठा लिया है बीड़ा रे ।।
कैसा भी तू कीड़ा रे
तुझको हरा के हि दम लेंगे
उठा लिया है बीड़ा रे ।।
अभी न चेते बन्धू तो फिर
देर बहुत हो जानी रे
कारण इसके पड़ सकती है
क़ीमत बहुत चुकानी रे ।।
देर बहुत हो जानी रे
कारण इसके पड़ सकती है
क़ीमत बहुत चुकानी रे ।।
कुछ आराजक तन्त्र , लंठ
अबहूं बाज़ न आवें रे
उन्हीं के ऊपर हमला करते
जो उन्हीं के प्राण बचावें रे ।।
अबहूं बाज़ न आवें रे
उन्हीं के ऊपर हमला करते
जो उन्हीं के प्राण बचावें रे ।।
पुलिस डाक्टरों को भी न छोड़े
करते जो इनका उपचार
देख जरा इनकी जाहिलता
टीमों पे उनकी करें प्रहार ।।
करते जो इनका उपचार
देख जरा इनकी जाहिलता
टीमों पे उनकी करें प्रहार ।।
फैलाते जो नित बीमारी
ऐसे निपटें उनसे आज
बोलो पुलिस पी ए सी को इनका
अपने ढंग से करें इलाज ।।
ऐसे निपटें उनसे आज
बोलो पुलिस पी ए सी को इनका
अपने ढंग से करें इलाज ।।
लातों के इन भूतों को देखो
लाज शरम कब आई रे
शुद्ध सरल शब्दों में कहें तो इनकी
जमकर करो ठुकाई रे ।।
लाज शरम कब आई रे
शुद्ध सरल शब्दों में कहें तो इनकी
जमकर करो ठुकाई रे ।।
बंद वरिक्षा, बंद सगाई
लड़के लड़की कि दिखाई रे
गाजे बाजे सब शांत हो गए
बंद पड़ी शहनाई रे ।।
लड़के लड़की कि दिखाई रे
गाजे बाजे सब शांत हो गए
बंद पड़ी शहनाई रे ।।
शहनाई की गूंज को छोड़ो
बदल गये हैं कई रिवाज
फ़ैशन के हर परिधानों में
अब तो शामिल हो गये मास्क ।।
बदल गये हैं कई रिवाज
फ़ैशन के हर परिधानों में
अब तो शामिल हो गये मास्क ।।
मास्क लगा जयमाल करें
छुप गया मुँह का मेकअप रे
व्याकुल हैं सब सोचें दुल्हन का
पूरा चेहरा कब देखब रे ।।
छुप गया मुँह का मेकअप रे
व्याकुल हैं सब सोचें दुल्हन का
पूरा चेहरा कब देखब रे ।।
जैसे तैसे तो हो गई शादी
पर रह गई आस अधूरी रे
दोनों खटियों के बीच में देखो
दो दो गज की दूरी रे ।।
पर रह गई आस अधूरी रे
दोनों खटियों के बीच में देखो
दो दो गज की दूरी रे ।।
दूरी कहें या मजबूरी
पर ये है बहुत ज़रूरी रे
जान बची तो लाखों पाये
अभी उमर शेष है पूरी रे ।।
पर ये है बहुत ज़रूरी रे
जान बची तो लाखों पाये
अभी उमर शेष है पूरी रे ।।
धन्यवाद
रमेश चन्द्र सिंह
रमेश चन्द्र सिंह
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